Sunday 8th of November 2026

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पोर्टल पत्रकारिता को संदेह के दायरे में रखना उचित नहीं, निष्पक्ष पत्रकारिता को मिले सम्मान और संरक्षण – धनेश कुमार सिंह।

कल तक पोर्टल और डिजिटल मीडिया का विरोध, आज अपनी बात रखने के लिए उसी का सहारा – धनेश कुमार सिंह।

डिजिटल पत्रकारिता को मिले मुख्यधारा के मीडिया जैसा सम्मान, वेब रिपोर्टरों की मेहनत को मिले उचित पहचान : अधिवक्ता शिव साह

डिजिटल क्रांति के दौर में पत्रकारिता का नया चेहरा बना डिजिटल मीडिया, जनआवाज को मिल रहा वैश्विक मंच : अधिवक्ता प्रमोद सोन

दीपावली एवं छठ महापर्व पर पार्षद चंद्रलोक सिंह ने दी क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं, सुख-समृद्धि की कामना।

: गरीब बेटियों की शादी में चश्मा नहीं बनेगा बाधक।

Vivek Sahu

Fri, Aug 23, 2024
कोरबा (न्यूज उड़ान )छत्तीसगढ़ की ऐसी गरीब बेटियां जिनको किसी न किसी कारण से चश्मा लग गया है और चश्मा की वजह से उनके विवाह में अड़चन आ रही है तो ऐसे परिवार को चिन्ता करने की जरूरत नहीं है। ऐसे परिवार और बेटियों को राहत देने का बीड़ा साईं बाबा आई हॉस्पिटल ने उठाया है। इस अस्पताल के संचालक डॉ. आशीष महोबिया ने बताया कि गरीब बेटियों की आंखों से नि:शुल्क चश्मा हटाने का लेजऱ (लेसिक) किया जाएगा।   इस हॉस्पिटल में आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग की बच्चियों के लिए नि:शुल्क चश्मा हटाने का लेसिक ऑपरेशन रोबोटिक टचलेस मशीन से करने का निर्णय लिया गया है।   डॉ. महोबिया ने बताया कि इसके लिए अंत्योदय गऱीबी रेखा कार्ड एवं परिवार का आयकर दाता नहीं होना अनिवार्य है।   यदि बच्चियां निर्धारित मापदंडों के दायरे में आती हैं, तो उनका ऑपरेशन पूरी तरह नि:शुल्क किया जाएगा।   इनके अलावा यदि बच्चियां मध्यम वर्गीय परिवार की हंै, तो उनके लिए भी हॉस्पिटल द्वारा आधे दर पर ऑपरेशन की सुविधा प्रदान की जाएगी।   डॉ. आशीष महोबिया ने बताया कि आजकल की मशीनें इतनी उन्नत हो गई हैं कि वे चश्मा हटाने के ऑपरेशन की प्रक्रिया पूरी तरह दर्द रहित कर सकती हैं।   मरीज़ को कोई इंजेक्शन नहीं लगता, बल्कि ये प्रक्रिया बिना मरीज के आँखों को छुए किया जाता है।   ऑपरेशन के तुरंत बाद अपने घर जा सकते है, मरीज की आँखों में पट्टी भी नहीं लगाना पड़ता है।

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