Monday 28th of September 2026

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सेवा संकल्प अभियान के तहत रंगोली प्रतियोगिता और स्वास्थ्य शिविर आयोजित।

कोरबा की सड़कों को मिलेगी नई रफ्तार, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के प्रस्ताव पर SECL ने दी ₹50 करोड़ की स्वीकृति।

कोरबा की बेटी संजू देवी ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय।

GDC Doongi, GDC Kotranka Conclude Two-Day International Conference on NEP 2020.

: स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में सुविधाओं के विस्तार की है जरूरत

Vivek Sahu

Wed, Jan 10, 2024
कोरबा (न्यूज उड़ान) स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय संबद्व चिकित्सालय पूर्व में 100 बिस्तर का अस्पताल था जिसे समय समय पर मरीजो की आवश्यकता अनुरूप बढ़ाया गया। अभी वर्तमान में जिला अस्पताल में बिस्तर की संख्या 357 हैं और मरीज की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है रोज एक्सरे 120 और सोनोग्राफी 40 से 45 मरीजो का किया जा रहा है। ओपीडी में प्रतिदिन 600 से 700 मरीजो का सफल उपचार किया जा रहा है मरीजो की संख्या में इजाफा होने से ट्रामा सेंटर को भी उपयोग में लिया गया है जिसमे अभी भूतल में 2 कमरों को और पहले फ्लोर में बच्चो के लिए वार्ड तैयार किये गए है महिला मरीजो की संख्या में इजाफा होने और सीमित संसाधन होने से लेबर रूम में भी भीड़ देखने को मिल रही है। गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से रूम की व्यवस्था करने के लिए अस्पताल प्रबंधन को जूझना पड़ रहा है रूम नही होने की वजह से गैलरी में बिस्तर लगा कर उपचार करने की मजबूरी बन गयी है, समय समय पर एक बिस्तर में दो मरीज को रख कर इलाज किया जाता है कोरबा जिला जहाँ लगभग लाखो लोग निवासरत है। वही स्वास्थ्य सुविधाओ के नाम पर जगह जगह में बनाये गए उप स्वास्थ्य केंद्र महज हांथी का दांत साबित हो रहै है।   जिले में उप स्वास्थ्य केंद्र है किंतु गिनती के ही अस्पतालों में ओपीडी का खाता खुलता है। या यूं कहे की उपस्वास्थ केंद्र में मरीजो का इलाज नही हो रहा है जिससे मरीज जिला अस्पताल का रुख करने लगे है। जिला अस्पताल में बिस्तर और मरीजो की संख्या में इजाफा होने की वजह से व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की कमी से भी जिला अस्पताल जूझ रहा है संसाधन सीमित है जिस वजह से मरीजो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।   भीड़ कम करने के लिए अस्पताल प्रबंधन को 2 एक्सरे मशीन डिजिटल के संचालन (वर्तमान में 1 डिजिटल और एक मैनुअली मशीन है) और 2 सोनोग्राफी मशीन का संचालन की आवश्यकता है जिससे मशीनों पर दबाव कम हो सके और मरीजो को लंबी कतार से मुक्ति मिल सके, अभी वर्तमान में जिला अस्पताल में मरीजो को सिटी-स्कैन की सुविधा नही मिल पा रही है इसके लिए अभी जिला अस्पताल प्रबंधक ने 2 जगह से मरीजो को निःशुल्क आने जाने की सुविधा के साथ सीटी-स्कैन की सुविधाएं उपलब्ध कराई है जिससे मरीजो का सफल उपचार किया जा रहा हैं। अभी वर्तमान में जिला अस्पताल स्टॉफ की कमी से जूझ रहा है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में स्टॉफ नर्स, वार्ड बॉय, तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी के पद सालों से रिक्त है इन पदों की भर्ती जल्द हो जाती तो मरीजो को असुविधा का सामना नही करना पड़ता , स्टॉफ की कम से मरीजो का इलाज कही न कही प्रभावित हो रहा है अधिकारी भी इस बात को दबी जुबान स्वीकार कर रहे है जिला अस्पताल में लगभग विभिन्न विभिन्न पदों के 545 पद रिक्त है।

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