कोरबा : निर्मला स्कूल की प्राचार्य पर गंभीर आरोप, कलेक्टर से जांच और निलंबन की मांग।
Vivek Sahu
Wed, Sep 30, 2026

स्कूल की प्राचार्य पर गंभीर आरोप, कलेक्टर से जांच और निलंबन की मांग।
हिंदू शिक्षकों से जबरन प्रार्थना, BPL बच्चों से अवैध वसूली और छात्र को प्रताड़ित करने का आरोप।
कोरबा( दैनिक न्यूज उड़ान) शहर के प्रतिष्ठित निर्मला हायर सेकेंडरी स्कूल, कोसाबाड़ी की प्राचार्य अजिथा मेरी और स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगे हैं।
RTI कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार साहू ने 28 सितंबर को जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर प्राचार्य को तत्काल निलंबित करने और विशेष जांच दल से जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में लगे मुख्य आरोप:
1. धार्मिक उत्पीड़न का आरोप।
शिकायत में कहा गया है कि स्कूल में 90% से अधिक हिंदू शिक्षकों और कर्मचारियों से जबरन ईसाई प्रार्थना करवाई जा रही है,इसके लिए अलग से उपस्थिति रजिस्टर बनाकर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
2. शिक्षिकाओं से दुर्व्यवहार।
- शिक्षिका रेकी सिन्हा ने 1 सप्ताह का मेडिकल लीव मांगा था, लेकिन प्राचार्य ने कथित रूप से उनसे 02 जुलाई 2026 से 01 जुलाई 2027 तक 1 साल का अवैतनिक अवकाश लिखवाकर ESIC के इलाज के अधिकार से वंचित कर दिया।
- एक अन्य गंभीर रूप से बीमार शिक्षिका को 3 मंजिला सीढ़ियां चढ़ने पर मजबूर किया गया, जिससे उनकी तबीयत और बिगड़ गई।
3. BPL छात्रों से अवैध वसूली ।
शिकायत के अनुसार निःशुल्क पढ़ने वाले BPL छात्रों से नियम विरुद्ध ₹1000 की वसूली की गई।
जब शिक्षिका ने इसका विरोध किया तो उनसे रसीदें वापस मंगवाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।
4. छात्र के साथ क्रूरता
15 सितंबर को कक्षा 9वीं ‘B2’ के छात्र नीलेश दास महंत को धूप में खड़ा रखकर सजा दी गई।
आरोप है कि इससे छात्र बेहोश हो गया और उसका जबड़ा फट गया।
5. असंवैधानिक नियम
शिकायत में केरल स्थित ‘Franciscan Sisters of the Immaculate Heart of Mary’ के नियमों के नाम पर 1 महीने का वेतन काटने, मनमाना निष्कासन और अनुशासनहीनता की योजना चलाने का भी आरोप है।
कलेक्टर से की गई ये मांगें:
RTI कार्यकर्ता ने शिकायत में मांग की है कि -
- मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी के बजाय राजस्व/कलेक्टर द्वारा गठित विशेष प्रशासनिक दल से कराई जाए।
- प्राचार्य अजिथा मेरी को तत्काल निलंबित किया जाए।
- स्कूल की उपस्थिति पंजियां, फीस रसीद बुक, बैंक खाते और CCTV फुटेज सील किए जाएं।
- BNS/IPC, RTE एक्ट और JJ एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज हो।
- शिक्षकों, कर्मचारियों और बच्चों के बयान प्राचार्य की अनुपस्थिति में दर्ज किए जाएं।
जिला कलेक्टर कार्यालय में शिकायत जमा होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
अब प्रशासन की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
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