Wednesday 4th of November 2026

ब्रेकिंग

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के अंतर्गत कोटपा अधिनियम के तहत चालानी कार्यवाही।

कोरबा में धूमधाम से मना छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026, विकास की उपलब्धियों और समृद्ध संस्कृति का दिखा संगम।

जिला स्तरीय राज्योत्सव 2026 में शासकीय विभागों ने लगाई जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी

बुधवारी मैदान के पास रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने के विवाद में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष, सीएसईबी चौकी पुलिस की त्वरित

राज्योत्सव में न्याय का जनसंदेश, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा की अगुवाई में न्यायाधीशों ने निःशुल्क विधिक सहायत

: समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित, कृषि विभाग के मैदानी अमलो को दिया गया प्रशिक्षण

Vivek Sahu

Thu, Aug 31, 2023
सक्ती  किसानो द्वारा खेती में रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक दवा का असंतुलित उपयोग करने पर मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम होती है और उपजाऊ पन घटता है। उर्वरक एवं कीटनाशक दवा के असंतुलित उपयोग से अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होती है साथ ही मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव भी पड़ता है। उपसंचालक कृषि विभाग सक्ती से प्राप्त जानकारी अनुसार कृषि उत्पादन आयुक्त छत्तीसगढ़ राज्य के द्वारा नत्रजनीय उर्वरक के अधिक उपयोग पर रोकथाम के लिए कार्यशाला आयोजित कर कृषि विभाग के मैदानी अमलो को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए है। जिसके तहत कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के निर्देशन पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर के वैज्ञानिकों द्वारा मैदानी अमलो को प्रशिक्षण दिया गया। उनके द्वारा उर्वरको के संतुलित उपयोग तथा अन्य वैकल्पिक व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी गई। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक शशिकांत सूर्यवंशी ने कहा कि सही समय पर, सही मात्रा में, सही खाद का उपयोग करने पर भी अधिकतम उपज प्राप्त हो सकती है। अधिक मात्रा में यूरिया के उपयोग से पौधा हर भरा होता है, पर कीट व्याधि की आक्रमण बढ़ती है। जिसके बचाव के लिए कीटनाशक दवा का उपयोग करना पड़ेगा। इससे अनावश्यक खर्च बढ़ेगा, तथा मिट्टी भी प्रदूषित होगी। उप संचालक कृषि सक्ती ने कहा कि यूरिया के अधिक उपयोग से खेती में लाभ नहीं होगा। इसलिए किसान मैदानी अमलो के सलाह के अनुसार खाद का उपयोग करें। इससे स्वयं का अनावश्यक खर्च नहीं होगा साथ ही मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी बनी रहेगी। इस कार्यशाला में अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्री कृतराज, सभी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं सभी विकास खंड के मैदानी अमले उपस्थित थे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन